ghazal qisse kahaanii kuchh bhi to tumko nahin aata | ग़ज़ल क़िस्से कहानी कुछ भी तो तुमको नहीं आता

  - anupam shah

ग़ज़ल क़िस्से कहानी कुछ भी तो तुमको नहीं आता
हुनर कुछ और मेरी जान हम को तो नहीं आता

ये रिश्ता टूटने पर सब बताया था हमें उसने
तुम्हें तो ये नहीं आता तुम्हें तो वो नहीं आता

मोहब्बत और अदावत रास्ते दोनों ही हैं आगे
ये इक तुम को नहीं आता वो इक हम को नहीं आता

भुलाना 'इश्क़ आसाँ है हमें सब ये बताते हैं
अरे इतना ज़रा सा काम है किसको नहीं आता

मैं तन्हाई में कबसे जी रहा हूँ जी नहीं पाता
बुलाता हूँ उसे अक्सर मैं लेकिन वो नहीं आता

  - anupam shah

Ulfat Shayari

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