जैसा चाहा था वैसा ढल गई है
बर्फ़ पूरी तरह पिघल गई है
बात का रुख तो मोड़ सकते हो
बात मुँह से अगर निकल गई है
गर्म साँसों के तेज़ चलने से
दाल पूरी की पूरी गल गई है
सोच के सब चराग़ बुझने लगे
उस के कमरे की राॅड जल गई है
— Arvind Asar
बर्फ़ पूरी तरह पिघल गई है
बात का रुख तो मोड़ सकते हो
बात मुँह से अगर निकल गई है
गर्म साँसों के तेज़ चलने से
दाल पूरी की पूरी गल गई है
सोच के सब चराग़ बुझने लगे
उस के कमरे की राॅड जल गई है
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