bas dekh kar jisne nazar tak badli hai | बस देख कर जिसने नज़र तक बदली है

  - Aves Sayyad

बस देख कर जिसने नज़र तक बदली है
वो सब सेे ये कहती थी मुझ पर मरती है

इक बाज़ी ही मैंने अभी तक हारी है
बाज़ी जो उसने मेरे दिल पर खेली है

जब छोड़ कर के अपनी यादें तू गई
उस दिन से अब तक दिल का ये घर ख़ाली है

मैं शहर का बिगड़ा हुआ इक लड़का था
सो शहर के शहज़ादे से वो ब्याही है

अब नाज़ उसके जाने ढोता कौन है
जाने किसे ही फ़ोन अब वो करती है

देखो उसे मत छेड़ो मेरे नाम से
यारों सुनो वो लड़की भोली भाली है

देखो किसी पर 'उम्र ज़ाए करना मत 'इश्क़ ओ मोहब्बत की कहानी फ़ानी है

लब पर मेरे लब अपने रख कर देख फिर
किसने कहा जाँ में नहीं जाँ घुलती है

तू क्या गई पानी यहाँ पर छोड़ कर
इन शाख़ों पर तब से उदासी लिपटी है

दीवाने ने खत में लिखा है ये मुझे
सय्यद यहाँ मिट्टी है हाँ बस मिट्टी है

  - Aves Sayyad

Valentine Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Aves Sayyad

As you were reading Shayari by Aves Sayyad

Similar Writers

our suggestion based on Aves Sayyad

Similar Moods

As you were reading Valentine Shayari Shayari