समय से पहले भले शामे-ज़िंदगी आए,
किसी तरह भी उदासी का घाव भर जाए
जो शे'र समझे मुझे दाद वाद देता रहे,
गले लगाए जिसे ग़म समझ में आ जाए
हम उदास नहीं सर ब सर उदासी हैं,
हमें चिराग़ नहीं रौशनी कहा जाए
किसी के हँसने से रौशन हुई थी बादे-सबा,
कोई उदास हुआ तो गुलाब मुरझाए
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Balmohan Pandey
our suggestion based on Balmohan Pandey
As you were reading Dard Shayari Shayari