हाथ से जब ये सहारा जाएगा
देखना क्या क्या तुम्हारा जाएगा
बात दरिया को समझ तब आएगी
छोड़ उस को जब किनारा जाएगा
सुन अ
गर लेगी ये दुनिया दर्द को
कौन फिर पंखों से मारा जाएगा
आदमी ऐसे यहाँ बेचैन है
साथ में जैसे कि सारा जाएगा
यार तुम पैसे कमाते क्यूँ नहीं
इश्क़ से कैसे गुज़ारा जाएगा
दोस्त रखता है अधिक वो आदमी
देखना बे-मौत मारा जाएगा
— Deenbandhu Jaiswal















