guftam ki mukh tira kya guftaa suraj soon behtar | गुफ़्तम कि मुख तिरा क्या गुफ़्ता सुरज सूँ बेहतर

  - Faez Dehlvi

गुफ़्तम कि मुख तिरा क्या गुफ़्ता सुरज सूँ बेहतर
गुफ़्तम कि कान का दर गुफ़्ता कि बह ज़ अख़्तर

गुफ़्तम दहान-ओ-रूयत गुफ़्ता कि ग़ुंचा-ओ-गुल
गुफ़्तम कपोल का ख़ाल गुफ़्ता कि क़ुर्स-ए-अम्बर

गुफ़्तम कि चश्म-ए-जादू गुफ़्ता कि दोनों ख़ंजर
गुफ़्तम धड़ी लबाँ की गुफ़्त अज़ अक़ीक़ बेहतर

गुफ़्तम कपोल तेरे गुफ़्ता कि बर्ग-ए-लाला
गुफ़्तम कि बोसा तुझ लब गुफ़्ता कि बह ज़ शक्कर

गुफ़्तम कि भौंहा तेरी गुफ़्ता हिलाल दोनों
गुफ़्तम कि ज़ुल्फ़ तेरी गुफ़्ता कि सुंबुल-ए-तर

गुफ़्तम गदा हूँ तेरा गुफ़्ता सही मुनासिब
गुफ़्तम असीर तुझ कूँ गुफ़्ता तमाम किश्वर

गुफ़्तम कि क़द तुम्हारा गुफ़्ता कि सर्व-ए-तन्नाज़
गुफ़्तम कि दिल तिरा क्या गुफ़्ता कि सख़्त पत्थर

गुफ़्तम अदा-ओ-ग़म्ज़ा गुफ़्ता बला-ए-जाँ-हा
गुफ़्तम इताब-ओ-क़हरत गुफ़्ता कि हौल-ए-महशर

गुफ़्तम कि 'फ़ाएज़' आया गुफ़्ता कि ख़ैर-मक़्दम
गुफ़्तम कुजास्त जा-अश गुफ़्ता कि बर-सर-ए-दर

  - Faez Dehlvi

Dil Shayari

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