कल शब फ़ोन किया जब तुम ने
हौले हौले से यूँ बोले
जानाँ सुन लो
तुम ने आ कर चाहत का एहसास दिला कर
मेरे दिल को जीत लिया है
इतनी जल्दी वापस क्यूँ तुम लौट गई हो
पलट के एक नज़र भी न देखा
उस की जानिब
आज तलक जो देख रहा है राह तुम्हारी
जिस को सच-मुच मार गई है चाह तुम्हारी
— Fakhira batool















