अजीब सा अमल है ये
ये एक फ़र्ज़ी गुफ़्तगू,
और एकतर्फ़ा— एक ऐसे शख़्स से,
ख़याल जिस की शक्ल है
ख़याल ही सबूत है!
— Gulzar
ये एक फ़र्ज़ी गुफ़्तगू,
और एकतर्फ़ा— एक ऐसे शख़्स से,
ख़याल जिस की शक्ल है
ख़याल ही सबूत है!
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