पास होती है जब भी तन्हाई
याद आती है एक हरजाई
एक लड़की के प्यार में देखो
एक लड़का हुआ है सौदाई
इक तवायफ़ के घर हुआ बेटा
हर तवायफ़ की आँख भर आई
मौत मारेगी बा'द में सब को
पहले मारेगी सब को महँगाई
यूँ अचानक नहीं हुई बारिश
इक हसीना ने ली है अँगड़ाई
ज़िंदगी एक जंग है 'सागर'
ज़िंदगी ने ये बात समझाई
— SAAGAR SINGH RAJPUT















