टूटे हुए दिलों को इक बार जोड़ डालो
तुम दिल की धड़कनों से नफ़रत निचोड़ डालो
दिल आप के हवाले मैं कर चुका हूँ अपना
अब आप की है मर्ज़ी रक्खो या तोड़ डालो
माशूक़ गर तुम्हारा ग़ैरों के साथ ख़ुश है
उस की ख़ुशी की ख़ातिर तुम उस को छोड़ डालो
'सागर' मुझे पता है टूटा है दिल तुम्हारा
उल्फ़त किसी की ले कर दिल फिर से जोड़ डालो
— SAAGAR SINGH RAJPUT















