तीन हमारी बहनें छोटी

मिल कर खाएँ आधी रोटी
ना पतली ना बिल्कुल मोटी
मीदू इन में सब से छोटी
मीदू ने इक तोता पाला
उस तोते का रंग निराला
नीचे नीला ऊपर काला
टिड्डे ऐसी आँखों वाला
इस तोते की हुई चढ़ाई
दिन भर कर के मग़्ज़ खपाई
शाम को दी मीदू ने दुहाई
इस तोते को लेना भाई
लाख पढ़ाएँ ख़ाक न बोले
दुम न हिलाए चोंच न खोले
बहुत कहो तो हौले हौले
फ़र्श पे मारे रह रह ठोले
भाई ने सोचा उस को बुलाएँ
छेड़ा जो उस को दाएँ बाएँ
तोता बोला काएँ काएँ
मीदू बोली हाएँ हाएँ
मैं ने इस को तोता समझा
ये तोता तो कव्वा निकला
इस कव्वे की दुम में तागा
इस के पीछे छोड़ो कुत्ता

— Ibn E Insha

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