बहुत अच्छा लगेगा दिल उदासी का
उजाला जब भरेगा बिल उदासी का
बुरे अच्छे दिखाई दे रहे हैं तो
बताओ कौन है क़ातिल उदासी का
बिना उस के न कोई देख सकता है
मियाँ ऐसी जगह है तिल उदासी का
हमेशा नोचते आया हमीं को तू
कभी तो ज़ख़्म कोई सिल उदासी का
मोहब्बत मसअला है ख़ुद बड़ा इतना
कभी मिलता नहीं साहिल उदासी का
— Manish watan















