हाल-ए-दिल तुमको सुनाया भी नहीं जा सकता
हाँ मगर तुम सेे छुपाया भी नहीं जा सकता
ज़ख़्म है ऐसे मेरे दिल के क्या बताएँ तुम्हें
आँख से आँसू बहाएा भी नहीं जा सकता
ये अगर इश्क़ के नज़रों में आ गया तो फिर
दिल निशाने से हटाया भी नहीं जा सकता
मौत है आपकी बाहों में "आलम" फिर भी
ये वो मौका है गँवाया भी नहीं जा सकता
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