उसे कहना बिछड़ने से मुहब्बत तो नहीं मरती

बिछड़ जाना मुहब्बत की सदाकत की अलामत है

मुहब्बत एक फितरत है, हाँ फ़ितरत कब बदलती है
सो, जब हम दूर हो जाएँ, नए रिश्तों में खो जाएँ

तो ये मत सोच लेना तुम, के मुहब्बत मर गई होगी
नहीं ऐसे नहीं होगा

मेरे बारे में गर तुम्हारी आँखें भर आएँ
छलक कर एक भी आँसू पलक पे जो उतर आए

तो बस इतना समझ लेना,
जो मेरे नाम से इतनी तेरे दिल को अक़ीदत है

तेरे दिल में बिछड़ कर भी अभी मेरी मुहब्बत है
मुहब्बत तो बिछड़ कर भी सदा आबाद रहती है

मुहब्बत हो किसी से तो हमेशा याद रहती है
मुहब्बत वक़्त के बे-रहम तूफ़ान से नहीं डरती

— Mohsin Naqvi

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