"याद रखेंगे प्यार तुम्हारा"

जा रहे तुम पता है मुझ को
लौट के अब ना बा'द आओगे
झूठ ही कह दो मन रखने को
यार बहुत तुम याद आओगे
जैसे हम गमजदा हो रहे
नयन से आँसू जुदा हो रहे
कुछ भी तो अब बचा नहीं है
प्राण देह से विदा हो रहे
एक दफा तुम बोल तो देतीं
हम ने था सौ बार पुकारा
याद रखेंगे प्यार तुम्हारा

नया नया चेहरा होगा
नई नई यारी होगी
इक रोज़ वो दिन आएगा
शादी की तैयारी होगी
दिल न लगेगा कहीं पे भी और
तबीअत भारी भारी होगी
मेंहदी रची हथेली होगी
दुल्हन नई नवेली होगी
पल ये ना लौट के बा'द आएगा
तब तुम को फिर याद आएगा
नाम का वो चुपके से लिखना
अपनी मेंहदी में यार हमारा
याद रखेंगे प्यार तुम्हारा

करवाचौथ का दिन आएगा
और हमारे बिन आएगा
तुम तो अर्घ करोगी छत पर
चाँद हमारा छिन जाएगा
कोई अपना सारा डर रख देगा
गोद में तेरी सर रख देगा
झुका के पलकें फिर धीरे से
गाल पे तेरे अधर रख देगा
फिर वो इक टक देखेगा
चेहरा और श्रंगार तुम्हारा
याद रखेंगे प्यार तुम्हारा

— Nirvesh Navodayan

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