अच्छा हुआ मगर अभी उम्दा नहीं हुआ
बर्बाद तो हुआ हूँ पर इतना नहीं हुआ
वैसे तो कोई ख़ास ख़सारा नहीं हुआ
बस ये हुआ कि प्यार दुबारा नहीं हुआ
उस ने तो हम से कोई तअल्लुक़ नहीं रखा
हम से मगर वो शख़्स पराया नहीं हुआ
उस से शब-ए-फ़िराक़ में मेरे लिए कभी
आँसू का एक क़तरा भी ज़ाया' नहीं हुआ
सोहबत में उस की कमरा ये कमरा सा लगता था
फिर उस के बा'द कमरा ये कमरा नहीं हुआ
मैं मुतमइन भले ही नज़र आ रहा हूँ पर
उस हादसे को यूँ अभी हफ़्ता नहीं हुआ
होता है कैसे इश्क़ ये कैसे पता चले
कैसे कहें कि इश्क़ हुआ या नहीं हुआ
तुम ने हमारे बच्चों के नख़रे उठाने थे
तुम से तो मेरा फ़ोन उठाना नहीं हुआ















