muskurata hua yaadon men koii aata hai | मुस्कुराता हुआ यादों में कोई आता है

  - SALIM RAZA REWA

मुस्कुराता हुआ यादों में कोई आता है
बनके ख़ुशबू मेरी साँसों में उतर जाता है

जब तसव्वुर में तेरा चेहरा  बना लेता हूँ
तब कहीं जाके मेरे दिल को सुकूँ आता है

तेरी तस्वीर को आँखों में बसाया जब से
तेरा ही चेहरा हर इक शय में नज़र आता है

आज भी उसको मोहब्बत है यक़ीनन मुझ सेे
जब भी मिलता है वो शरमा के निकल जाता है

क्यूँँ भला मान लूँ ये 'इश्क़ नहीं है उसका
जबकि तन्हाई में गीतों को मेरे गाता है

  - SALIM RAZA REWA

Aankhein Shayari

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