हम जो दीवानगी में मारे गए
जान तेरी ख़ुशी में मारे गए
लोग पत्थर को भी ख़ुदा समझे
और इस गड़बड़ी में मारे गए
हैं कई हाज़िरा मेरे अंदर
जिन के बेटे बली में मारे गए
पहले हम, मार्क्स के मुख़ालिफ़ थे
बा'द में, मुफ़्लिसी में मारे गए
वो ही तो लोग जन्नती होंगे
जो भी तेरी गली में मारे गए
'शाद' साहब पे लानते भेजो
हिज्र की बात ही में मारे गए
— Shaad Imran















