मुहब्बत चाँद चेहरों पर तपन है

मुहब्बत हिज्र की रुत में चमन है

मुहब्बत के मरातिब इस से समझो
मुहब्बत इश्क़ की छोटी बहन है

मुहब्बत सब के हिस्से में है लेकिन
मुहब्बत कुछ को आए जो वो फ़न है

मुहब्बत रौशनी है अंधी आँखों
मुहब्बत हश्र तक जान-ए-सुख़न है

मुहब्बत शैख़ की वअज़-ओ-नसीहत
मुहब्बत बिरहमन का पैरहन है

मुहब्बत मास्टर की पहली स्टिक
मुहब्बत डिग्रियों वाली दुल्हन है

मुहब्बत आईने में ख़ुद को तकना
मुहब्बत तिल पे उँगली की छुअन है

मुहब्बत से नहीं थकता है कोई
मुहब्बत किस ने बोला है थकन है

— Shadab Javed

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