तू चले जा तुझे भुला दूँगा
आज ये फ़ैसला सुना दूँगा
'उम्र भर दी तुझे हैं तकलीफ़ें
दूर हो जा तुझे दुआ दूँगा
ज़ख़्म तुझको नवाज़ दूँ भी गर
पर न धोखा मैं दिलरुबा दूँगा
है मिरा कौन एक तू ही है
सब्र कर दिल तिरा दुखा दूँगा
डायरी शायरी से भर के मैं
आग दिल की मिरी बुझा दूँगा
छोड़ दहलीज़ आ गया बाहर
ज़ौम था ये जहाँ घुमा दूँगा
दर्द देकर मुझे अभी हँस ले
एक दिन ग़म तुझे ख़ुदा दूँगा
सौंप आऊँ तुझे उसे पहले
नाव फिर मैं मिरी डुबा दूँगा
शान थोड़ा बचा के मैं मुझ
में
जो भी बाक़ी बचा लुटा दूँगा
Read Full