ज़िंदगी हम ने करी थी नाश अपनी
अब फिरेंगे हम ही ले कर लाश अपनी
लड़के इस लड़की को देखें और सोचें
यार हो जाती ये लड़की काश अपनी
लड़की समझे ख़ुद को बेगम हम को जोकर
ज़िन्दगी भी निकली या'नी ताश अपनी
तुम ने आईने में देखा चेहरा अपना
मैं ने आईने में देखी लाश अपनी
— Shantanu Bhardwaj















