tanhaa dil sard hawaayein aur ye alaav-e-dehaat | तन्हा दिल, सर्द हवाएं, और ये अलाव-ए-देहात

  - Shashank Tripathi

तन्हा दिल, सर्द हवाएं, और ये अलाव-ए-देहात
आओ, बैठो "निहार" करें मोहब्बत की कुछ बात

सुना है कि तुम्हें मोहब्बत पर ज़रा भी यकीन नहीं
या कि मोहब्बत में किसी दिलनशीं से खाई है मात

सफ़र ए ज़िन्दगी में 'इश्क़ के मायने अलग ही हैं
तुम ही कुछ सुनाओ, बयान करो अपने हालात

कि जब तक वो संगदिल रही, दिल को सुकून रहा
और उसका जाना हुआ, फिर हुई अश्कों की बरसात

तुम अकेले नहीं हो, 'इश्क़ में सबका यही हाल है
दिन तो गुज़र जाता है मगर कटती नहीं है ये रात

हैं परेशान दर्द ए 'इश्क़ से सभी आशिक यहाँ मगर
मालूम किसी को नहीं, कैसे मिलेगी दर्दस नजात

  - Shashank Tripathi

Mohabbat Shayari

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