Shashank Tripathi

Shashank Tripathi

@shashank-tripathi

Shashank Tripathi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shashank Tripathi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

गर मैंने तुझसे बेतहाशा मोहब्बत ना की होती
तो दिल की सारी मुश्किलों को पल में हल कर देता

तेरी याद में यूं तड़पने से कहीं बेहतर तो ये होता
कि अपने दिल के जायदाद से तुझे बेदखल कर देता

Shashank Tripathi

यूं मेरे ख़्वाबों को हसीं बनाकर तुम क्या पाओगे
मुझसे नजदीकियां बढ़ाने की तुम सज़ा पाओगे

मैं बदनाम हूं किसी से मोहब्बत की खातिर "निहार"
मुझसे इश्क़ करके तुम फक़त दर्द-ए-वफ़ा पाओगे

Shashank Tripathi

लबों पर हंसी है तो दिल में ये कैसी चुभन है
अरे ये मोहब्बत भी दोस्तों इक अजीब फ़न है

रूह से रूह का इश्क़ कहां मिलता है अब "निहार"
आजकल जिस्मानी इश्क़ का ही दौर ए चलन है

Shashank Tripathi

ऐ ख़ुदा देख तेरे इंसान ने जहां का क्या हाल कर रखा है
परिंदो का घर उजाड़ कर उन्हे कफस में पाल कर रखा है

Shashank Tripathi

सुनो, गर जो तुम करना अब किसी से इश्क़
ख़्याल रहे कि उसे इश्क़ में कोई ग़म ना रहे

हमारा क्या है, ज़िंदा कल भी थे, आज भी हैं
ये अलग बात है कि अब पहले जैसे हम ना रहे

Shashank Tripathi

ज़िन्दगी के सफ़र में ख़ुशी और ग़म का अपना अपना किस्सा है
अच्छा नहीं तो बुरा ही सही, पर वो शख़्स मेरी कहानी का हिस्सा है

Shashank Tripathi

इक आख़िरी रस्म निभा लो कि अब ये रिश्ता तोड़ देते हैं
तुम तो जा ही चुकी हो हम भी अब तुमसे मुँह मोड़ लेते हैं

थी झूठी सब क़समें, थे झूठे सब वादे, और वो तुम्हारे फ़रेबी इरादे
उम्मीद-ए-वफ़ा तुमसे नहीं, वफ़ा का ज़िम्मा भी ख़ुद ही पे छोड़ देते हैं

Shashank Tripathi

इक रोज़ हमारे बिखरते रिश्ते का राज़ खोल दिया उसने
इल्ज़ाम मुझपे डाल कर, जुदा होने को बोल दिया उसने

उससे मोहब्बत इतनी कि खामोशी से सुनता रहा तोहमतें
बड़ी बेरुखी से "निहार" मेरी मोहब्बत को तोल दिया उसने

Shashank Tripathi

मेरा मन जो ख्यालों में कभी गुम हो
उन ख्यालों का किरदार सिर्फ तुम हो

Shashank Tripathi

कभी नज़रों में तल्खी तो कभी इशारों की नज़ाकत
काट दे तेरे इशारों को, कौन करेगा ऐसी हिमाकत

Shashank Tripathi

दिल में अब दर्द को पालना मुश्किल हो रहा है
तुम्हें अल्फाजों में ढालना मुश्किल हो रहा है

Shashank Tripathi

मंज़िलें मिलती नहीं फ़क़त ख़्वाब देखने से
पाँव के छाले गवाह है सफ़र-ए-मंज़िल के

Shashank Tripathi

जो लबों से बयां ना हो सके उन्हें मैं कागज़ो पर लिखता हूं
शायद मैं वैसा बिल्कुल नहीं जैसा सभी को दिखता हूं

Shashank Tripathi

खफा हम किसी से नहीं बस जरा वक़्त की कमी है
आसमान में उड़ने का ख्वाब है और पैरों तले जमीं है

Shashank Tripathi

चला हूं अब जो मैं बेफिक्र ज़माने से
देख शबनम भी शोलों से दहक जाते हैं

खुशियां इतनी बांटी थी बहार ए गुलजार में
कि मौसम ए खिज़ा में भी फूल महक जाते हैं

Shashank Tripathi

ता उम्र तेरे साथ चलने की ख्वाहिशें बुनता है
इक शख्स है जो तेरी खामोशियों को भी सुनता है

Shashank Tripathi

किस सम्त जाना है इश्क़ ए कश्ती को ये हवाएं बताएंगी
डूबें की पार कर जाएं आंखों के समंदर को, ये अदाएं बताएंगी

Shashank Tripathi

बस इतना ही सुन कर कलेजे को ठंडक पड़ जाती है
कि वो आज भी मेरे खातिर हर किसी से लड़ जाती है

Shashank Tripathi