is desh aur samaaj ka darpan hain betiyaan | इस देश और समाज का दर्पण हैं बेटियाँ

  - Shivang Tiwari

इस देश और समाज का दर्पण हैं बेटियाँ
माँ-बाप के सुकर्म का अर्जन हैं बेटियाँ

बिटिया न हो तो आँगन सूना रहे सदा
हर बागबाँ के बाग का सृजन हैं बेटियाँ

सम्मान भी दिया और काँधा भी दे दिया
जीते जी करती सच्चा तर्पण हैं बेटियाँ

लहरा दिया है परचम, दुनिया है जीत ली
निज देश पर हमेशा अर्पण हैं बेटियाँ

पूजा करो तुम इनकी मारो न कोख में
माँ कालिके भवानी का अर्चन हैं बेटियाँ

पीछे नहीं हटी कभी दुश्मन हो कोई भी
तलवार और तोप का गर्जन हैं बेटियाँ

बहना बनी ये माँ बनी बनती हैं संगिनी
सुन्दर बनी हर रूप में दर्शन हैं बेटियाँ

  - Shivang Tiwari

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