kahii hai ye jisne vo badnaam kyun hai | कही है ये जिसने वो बदनाम क्यूँँ है

  - Shivang Tiwari

कही है ये जिसने वो बदनाम क्यूँँ है
सुनी है ये जिसने वो बा-जाम क्यूँँ है

मेरी शायरी का ये अंजाम क्यूँँ है
जहाँ जब सुनाई ये कोहराम क्यूँँ है

ये माना कि नाकाम हूँ मैं मगर फिर
तेरी महफ़िलों में मेरा नाम क्यूँँ है

अगर सब ख़फ़ा हैं तरानों से मेरे
तो नग़मों पे मेरे सजी शाम क्यूँँ है

हँसी का पिलाया था मैंने सभी को
भरा आँसुओं से मेरा जाम क्यूँँ है

है अपनी ख़ता से परेशाँ ज़माना
तो सबको मनाना मेरा काम क्यूँँ है

हुआ क़त्ल मेरा सरेआम था जो
मेरे क़त्ल का मुझ पे इल्ज़ाम क्यूँँ है

जो ज़ुल्मी जहाँ में तू सब सेे बड़ा है
'शिवम्' को तेरे सँग आराम क्यूँँ है

  - Shivang Tiwari

Udas Shayari

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