मोहब्बत हो अदावत हो तुम्हारे साथ रहना है
रफ़ाक़त हो रक़ाबत हो तुम्हारे साथ रहना है
शिकायत हो निहायत हो तुम्हारे साथ रहना है
कि अब कैसी भी हालत हो तुम्हारे साथ रहना है
तुम्हारे बिन अधूरा था तुम्हारे साथ पूरा हूँ
समझ लो तुम ज़रूरत हो तुम्हारे साथ रहना है
मैं देखूँ रोज़-ओ-शब बस तुम को जानाँ मसअला क्या है
तुम इतनी ख़ूबसूरत हो तुम्हारे साथ रहना है
सोहेल-ए-ख़स्ता की ख़्वाहिश तुम्हारे साथ रहने की
सदा-ए-कुन इजाबत हो तुम्हारे साथ रहना है
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