जो तेरी बाँहों में हँसती रही है खेली हैवो लड़की राज़ नहीं है कोई पहेली हैहाँ मेरा हाथ पकड़कर झटक दिया उस नेसहारा दे के बताया कि तू अकेली हैयहाँ पे ख़ाक बसेरा करेगा कोई शख़्सहमारी रूह गिराई हुई हवेली हैहै पहले दिन से दरख़्तों की छतरियाँ मेरे साथऔर इब्तिदास ये बारिश मेरी सहेली है— Tajdeed Qaiser