RAAHI
RAAHI
Ghazal

बड़े सुंदर हैं प्यारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

हमें लगता सितारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

भँवर हैं गर तुम्हारी झील सी आँखें तो ये भी है
बचाने को किनारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

कभी ख़ामोश रहते हैं कभी हम को बुलाते हैं
हमें करते इशारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

अभी कश्मीर से हो कर के लौटे हैं तो जाने हैं
ज़रा बेहतर नज़ारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

तुम्हारे बाल हों या गाल सब सुंदर हैं लेकिन यार
सभी से प्यारे न्यारे हैं तुम्हारे पाँव के नाख़ून

— RAAHI

More by RAAHI

Other ghazal from the same pen

See all from RAAHI →

Beautiful Kashmir Shayari

Shers of beautiful kashmir.

All Beautiful Kashmir Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling