ye meraa dil hai ye dariyaa nahin sehra hogaa | ये मेरा दिल है ये दरिया नहीं सहरा होगा

  - Haider Khan

ये मेरा दिल है ये दरिया नहीं सहरा होगा
वो भटकता हुआ आकर यहाँ ठहरा होगा

उसके अतराफ़ गुलाबों की महक आती है
तितलियों का दर-ओ-दीवार पे पहरा होगा

दिल को हर रोज़ यही बोल के बहलाता हूँ
आने वाला है वो बस मोड़ पे ठहरा होगा

क्या कहा चांद नज़र आया ज़मीं पर तुमको?
वो कोई चांद नहीं उसका वो चेहरा होगा

उसकी ख़ामोशी से अंदाज़ा हुआ है मुझको
ये समंदर तो मेरी सोच से गहरा होगा

शबनमी आँखों में फैला हुआ काजल ले कर
किस क़दर हिज्र में अफ़्सुर्दा वो चेहरा होगा

  - Haider Khan

Dil Shayari

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