तेरे अंदर जो हमारा है वो हिस्सा ले लें
यानी अब तुझ से तुझे पूरा का पूरा ले लें
अब मज़ीद और न होंठों को जलाया जाए
तू कहे तो तेरे होंठों का सहारा ले लें
पड़ न जाएँ तेरे साए पे क़दम ग़ैरों के
यूँँ करें हम तेरे साए का लिबादा ले लें
मौत से पहले कोई आख़िरी ख़्वाहिश पूछे
और हम हँसते हुए नाम तुम्हारा ले लें
ज़िन्दगी काट तो सकते हैं इक उम्मीद के साथ
लौट आने का अगर तुझ से जो वा'दा ले लें
इतने बरसों में किसी तरह समेटा है इसे
कैसे फिर दिल से वही काम दोबारा ले लें
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Haider Khan
our suggestion based on Haider Khan
As you were reading Death Shayari Shayari