हमारी आँख से बरसा है ये कल रात का पानी
समझ बैठे हो जिस को आप भी बरसात का पानी
सताती ही नहीं उसको कभी फिर प्यास की शिद्दत
कि जो इक बार पी लेता है उसके हाथ का पानी
चलो अच्छा हुआ आंसू भी मेरे पी गए ये लोग
चलो कुछ काम तो आया मेरे जज़बात का पानी
तुम्हारे वास्ते बस नाचने गाने का मौक़ा है
मुसीबत है हमारे वास्ते बरसात का पानी
ये सहरा है यहाँ दरिया समंदर की ही बातें हैं
यहाँ मतलब निकलता है सभी की बात का पानी
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