socho aisa hua to kya hogaa | सोचो ऐसा हुआ तो क्या होगा

  - Vivek Bijnori

सोचो ऐसा हुआ तो क्या होगा
मैं ही तन्हा हुआ तो क्या होगा

प्यार कर लूँ मगर मुझे डर है
फिर से धोका हुआ तो क्या होगा

मरज़ ये ला-इलाज लगता है
मैं न अच्छा हुआ तो क्या होगा

लोग करते हैं प्यार जिस्मों से
तू भी उन सा हुआ तो क्या होगा

टूट कर जो बिखर गया सोचो
गर वो शीशा हुआ तो क्या होगा

तुम मुझे मनअ' कर तो लोगे पर
मैं न मुझ सा हुआ तो क्या होगा

सोचता हूँ मैं छोड़ दूँ दुनिया
पर न उस का हुआ तो क्या होगा

  - Vivek Bijnori

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