अभी दूर हैं जितने ही पास थे हम
कि दुश्मन हैं अब जो कभी ख़ास थे हम
रखा दूर हम ने उसे अपने दिल से
उसे भी तो आते कहाँ रास थे हम
दिखा कर ये तस्वीर इक दिन कहेंगें
ये है दोस्त मेरा यहीं पास थे हम
अलग पहले उस ने रखा सब से मुझ को
मुझे फिर उसी ने कहा ख़ास थे हम
— Vivek Chaturvedi















