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Top 10 of
Sakshi Saraswat
GHAZAL
तेरे हिस्से जो आए वो मेरी ख़ुशियों के प्याले हों
तेरे सब ज़ख़्म ग़म हरदम यहाँ मेरे हवाले हों
Sakshi Saraswat
10
GHAZAL
मुझे बेचैन रखती हैं हमेशा बस यही बातें
किसे अब कह रहा होगा वो सब मुझ सेे कही बातें
Sakshi Saraswat
9
SHER
तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन
तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है
Sakshi Saraswat
8
SHER
हमारे दर्मियां कुछ था नहीं जग में नुमाइश थी
तेरे जाने पे फिर क्यूँँ दिल मेरा नासूर होता है
Sakshi Saraswat
7
GHAZAL
मैं जब घर थी तो राहत थी बड़ा महफ़ूज़ कोना था
मैं अब भी हॅंस के चलती हूँ जहाँ जी भर के रोना था
Sakshi Saraswat
6
GHAZAL
ज़माने भर से रुस्वा हूँ ज़माने भर से वहशत है
मुझे अब अपना दिखने वाले हर मंज़र से वहशत है
Sakshi Saraswat
5
GHAZAL
मैं मिट जाऊँ जहाँ से गर मुझे खोया हुआ कहना
कोई आए मुझे मिलने मुझे सोया हुआ कहना
Sakshi Saraswat
4
SHER
मैं बे-मतलब सा इश्क़ निभाना चाहती हूँ
उस की बातों से नज़्म चुराना चाहती हूँ
Sakshi Saraswat
3
SHER
थोड़ी सिसकी थोड़ी ठिठकी पागल होना अच्छा है
जग की गाथा गाने वाले तेरा रोना अच्छा है
Sakshi Saraswat
2
GHAZAL
मेरे ज़ख़्मों की सरगम को हवाओं ने समेटा है
कोई छू कर गुज़रता है उसे बरखा समझता है
Sakshi Saraswat
1
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