हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Amit Nandan Dev
SHER
हुनर है दिल को मुयस्सर न बद-दुआ के लिए
तबस्सुमात भी रक्खे हैं बस सज़ा के लिए
Amit Nandan Dev
10
SHER
तामीर से बस्ती कोई आबाद नहीं है
दीवार गिरा देने से रस्ता नहीं होता
Amit Nandan Dev
9
GHAZAL
मैं तेरा इंतिख़ाब ले बैठा
इश्क़ का इक सराब ले बैठा
Amit Nandan Dev
8
SHER
वफ़ा की बात करें या सज़ा की ज़िक्र करें
कि दोनों हुक़्म में थे और साथ साथ चले
Amit Nandan Dev
7
SHER
ग़ज़ल में ज़ख़्म खिलते थे क़लम था एक ख़ूँ कोई
हुनर भी मेरे अश्कों का समझता था जुनूँ कोई
Amit Nandan Dev
6
SHER
ज़हर में लिपटी हुई बातों से मैं महफ़ूज़ था
अब तअल्लुक़ भी निभाया है तो तर्ज़-ए-इश्क़ से
Amit Nandan Dev
5
GHAZAL
क्या बताऊँ मैं तुझ को क्या है ग़म
जान लेवा है और दवा है ग़म
Amit Nandan Dev
4
SHER
बिछड़ कर लोग अक्सर भूल जाते हैं ये दुनिया भी
हमें हर मोड़ पे तेरा इशारा याद रहता है
Amit Nandan Dev
3
SHER
न गुल खिले न सितारों से रौशनी उतरी
तेरे बग़ैर कोई रात भी कहाँ गुज़री
Amit Nandan Dev
2
SHER
लबों पे आग निगाहों में रक्स-ए-ख़्वाब लिए
हम आ गए हैं मोहब्बत की इक किताब लिए
Amit Nandan Dev
1
Bhaskar Shukla
Yaduvanshi Abhishek
Raja Singh 'Kaabil'
Murari Mandal
Shubhangi Bharti
REHAN KHAN
Vikas Shah musafir
Tanha
Yogendra Singh Raghuwanshi
Amit Gautam