@ShivanshSinghaniya
Shivansh Singhaniya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivansh Singhaniya's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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जो बोया है वही ग़म काटना होगा
कहो अब आप कैसे फ़ैसला होगा
जहाँ देखा वहाँ तक रौशनी देखी
जो सूरज का ग़ज़ब का हौसला होगा
है मोहब्बत आप से इन दस्तकों के दरमियाँ
चाँद निकला आज फिर उन दो घरों के दरमियाँ
सोई नहीं है जानें कब से ये बूढ़ी आँखें
दहलीज़ पर रखी रौशन घर कि बुझती आँखें
रगों में दौड़ रहा है, लहू मोहब्बत का
मैं सर-कशी का तबीबों से क्या निबाह करूँ
इश्क़ हस्ब-ए-हाल समझा ही नहीं तुमने कभी
हासिदों से उभरा हूँ फिर हादसों के दरमियाँ
हैरानगी से आप की हैरान ख़ुद भी हो गया
मारा गया हूँ चीख़ता बच्चे की गुदगुदी में भी
मुझ को हैरत है खुदा तेरी मुसाफ़त पे, मगर
ज़िंदगी बैठ आ हालात कि कुछ बात करें
दर्द इक छिपा रखा था कब से हम ने सीने में
इक दिया जला हुआ वो फूँक कर बुझा गया
बैठा हूँ जहाँ, आग लगा कर ही उठा हूँ
है ख़ौफ़ मुझे मौत की ता'ज़ीर से ऐ दिल