Shivansh Singhaniya

Shivansh Singhaniya

@ShivanshSinghaniya

Shivansh Singhaniya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivansh Singhaniya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

5

Content

31

Likes

16

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

सिर काट कर दरख़्त से लटका दिया मिरा
इतने कुसूर पर की निवाला निगल लिया

Shivansh Singhaniya

जो बोया है वही ग़म काटना होगा
कहो अब आप कैसे फ़ैसला होगा

जहाँ देखा वहाँ तक रौशनी देखी
जो सूरज का ग़ज़ब का हौसला होगा

Shivansh Singhaniya

है मोहब्बत आप से इन दस्तकों के दरमियाँ
चाँद निकला आज फिर उन दो घरों के दरमियाँ

Shivansh Singhaniya

रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया
साक़ी पिला न जाम मदद-गार की तरह

Shivansh Singhaniya

इक ख़िलौने के लिए बच्चे कि ज़िद आना
माँ ने अपने हिस्से की दो रोटी कम कर दी

Shivansh Singhaniya

सोई नहीं है जानें कब से ये बूढ़ी आँखें
दहलीज़ पर रखी रौशन घर कि बुझती आँखें

Shivansh Singhaniya

एक काली रात में ये ज़िंदगी जानी
इश्क़ को तख़सीस से कोई दुहाई दे

Shivansh Singhaniya

रगों में दौड़ रहा है, लहू मोहब्बत का
मैं सर-कशी का तबीबों से क्या निबाह करूँ

Shivansh Singhaniya

इश्क़ हस्ब-ए-हाल समझा ही नहीं तुमने कभी
हासिदों से उभरा हूँ फिर हादसों के दरमियाँ

Shivansh Singhaniya

हैरानगी से आप की हैरान ख़ुद भी हो गया
मारा गया हूँ चीख़ता बच्चे की गुदगुदी में भी

Shivansh Singhaniya

मुझ को हैरत है खुदा तेरी मुसाफ़त पे, मगर
ज़िंदगी बैठ आ हालात कि कुछ बात करें

Shivansh Singhaniya

दर्द इक छिपा रखा था कब से हम ने सीने में
इक दिया जला हुआ वो फूँक कर बुझा गया

Shivansh Singhaniya

यूँ न देखो इन निगाहों से
लाख धोखे हैं निगाहों में

Shivansh Singhaniya

बैठा हूँ जहाँ, आग लगा कर ही उठा हूँ
है ख़ौफ़ मुझे मौत की ता'ज़ीर से ऐ दिल

Shivansh Singhaniya

हम भी भुला सके न वो काजल हिजाब का
हम, नाम लिख सके न तो हम-नाम लिख दिया

Shivansh Singhaniya