Kashif Hussain Kashif

Kashif Hussain Kashif

@kashif_03_

Kashif Khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kashif Khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

2

Content

26

Likes

65

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

मैं उसकी याद ही के जनाज़े को ढो रहा
यानी कि मेरी रूह को आराम मिल गया

Kashif Hussain Kashif

न मैं चल सका हूँ न ये जाँ थकी है
ग़ज़ब कश्मकश में ये अब ज़िंदगी है

सभी ये मुलाज़िम तेरे हो गए हैं
मेरी इन निगाहों में बस बेबसी है

Kashif Hussain Kashif

मुद्दतों बाद मेरे दिल को तसल्ली है मिली
मुद्दतों बाद मेरे घर में तमाशा न हुआ

Kashif Hussain Kashif

ज़ाहिद तेरे ख़याल में किसने ख़लल है दी
बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है

Kashif Hussain Kashif

माना तेरे ख़िताब के क़ाबिल नहीं हैं हम
फिर भी तो ये कमाल है जाहिल नहीं हैं हम

Kashif Hussain Kashif

तुम्हारे है दामन में बस जी-हुज़ूरी
ये सारी रिफ़ाक़त तो हमको मिली है

Kashif Hussain Kashif

ये मेरे ख़्वाब को इस तरह से न बिखराओ
अजब यही है कि तुम मुझ से यूँ न घबराओ

Kashif Hussain Kashif

तेरे इन नकाबों में दुनिया बसी है
मेरी चाहतों में तो बस बेबसी है

Kashif Hussain Kashif

नई है मंजिले मेरी मुझे ना टोको अब
मुझे तो साथ बिठाकर कही पे रुक जाओ

Kashif Hussain Kashif

ये जिस्मों को तुमने लिबासों में रखकर
हया की है देखो कसम झूठी खाई

Kashif Hussain Kashif

मैं ही था पागल कहीं ख़ुद मेरे ही इमकान से
तोड़ जाता दिल मेरा ही कितने इत्मीनान से

Kashif Hussain Kashif

मुझे तो सफ़र ये बताने लगा है
ये सारा ज़माना ठिकाने लगा है

Kashif Hussain Kashif

अपने ही सभी मेरे तो ज़ालिम को दुआ दे
तेरे तो गुनाहों की सज़ा मुझ को ख़ुदा दे

Kashif Hussain Kashif

आग तूने क्या लगाई दिल में तो जान ए जिगर
फिर हुआ क्या शहर मेरा दिल जलों का हो गया

Kashif Hussain Kashif

रोज़-ए-जुमा मोमिन अदा करके नमाज़
जाता कही ज़ीशान में हो के सवार

Kashif Hussain Kashif

उसने जिस आजिज़ी में डाल दिया
मेरा अपना ही तजरबा था कहीं

Kashif Hussain Kashif

उसकी मर्ज़ी जिसे तवक़्क़ो दे
ये तो बस एक है समाँ मेरा

Kashif Hussain Kashif

शाम कितनी थी शबीना यार तेरे साथ में
क्या हुआ जो था मेरा ही हाथ तेरे हाथ में

Kashif Hussain Kashif

कर्बल की ज़मीं है ये शहादत की ज़मीं है
मानो या न मानो ये इबादत की ज़मीं है

Kashif Hussain Kashif

कर के बेबाक बातें वो मुझसे यूँ फिर
देखता रह गया मरहला वो मेरा

Kashif Hussain Kashif

LOAD MORE