@kashif_03_
Kashif Khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kashif Khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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न मैं चल सका हूँ न ये जाँ थकी है
ग़ज़ब कश्मकश में ये अब ज़िंदगी है
सभी ये मुलाज़िम तेरे हो गए हैं
मेरी इन निगाहों में बस बेबसी है
मुद्दतों बाद मेरे दिल को तसल्ली है मिली
मुद्दतों बाद मेरे घर में तमाशा न हुआ
ज़ाहिद तेरे ख़याल में किसने ख़लल है दी
बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है
माना तेरे ख़िताब के क़ाबिल नहीं हैं हम
फिर भी तो ये कमाल है जाहिल नहीं हैं हम
ये मेरे ख़्वाब को इस तरह से न बिखराओ
अजब यही है कि तुम मुझ से यूँ न घबराओ
मैं ही था पागल कहीं ख़ुद मेरे ही इमकान से
तोड़ जाता दिल मेरा ही कितने इत्मीनान से
अपने ही सभी मेरे तो ज़ालिम को दुआ दे
तेरे तो गुनाहों की सज़ा मुझ को ख़ुदा दे
आग तूने क्या लगाई दिल में तो जान ए जिगर
फिर हुआ क्या शहर मेरा दिल जलों का हो गया
शाम कितनी थी शबीना यार तेरे साथ में
क्या हुआ जो था मेरा ही हाथ तेरे हाथ में
कर्बल की ज़मीं है ये शहादत की ज़मीं है
मानो या न मानो ये इबादत की ज़मीं है