Madhosh Bilgrami

Madhosh Bilgrami

@madhosh-bilgrami

Madhosh Bilgrami shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Madhosh Bilgrami's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

5

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
राह-ए-वफ़ा में गिरते सँभलते रहे मियाँ
थकने के बा-वजूद भी चलते रहे मियाँ

इक उम्र तेज़ धूप में जलते रहे मियाँ
आईना-ख़ाने दिल के पिघलते रहे मियाँ

ये शाम का धुँदलका ये वहशत ये ख़ामुशी
तन्हा बरामदे में टहलते रहे मियाँ

कुछ लोग मंज़िलों से भी आगे निकल गए
इक हम कि अपने हाथ ही मलते रहे मियाँ

आईना जब भी देखा है चेहरा था इक नया
हम जाने कितने साँचों में ढलते रहे मियाँ

सहरा थे इतने सर्द कि यख़ हो गया वजूद
उतरे समुंदरों में तो जलते रहे मियाँ

ख़्वाबों की बस्तियों से बड़ी तमकनत के साथ
पल-पल कई जनाज़े निकलते रहे मियाँ

दरिया लहू के यास के अश्कों के आग के
हर गोशा-ए-ज़मीं से उबलते रहे मियाँ

धारा न रोका जा सका तारीख़ का कभी
हालात ज़िंदगी के बदलते रहे मियाँ
Read Full
Madhosh Bilgrami