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Top 10 of
Muzdum Khan
GHAZAL
मैं परेशान वो दुखी हुई है
ये मोहब्बत है तो बड़ी हुई है
Muzdum Khan
10
SHER
क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली
मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे
Muzdum Khan
9
GHAZAL
किस को रौशन बना रहे हो तुम
इतना जो बुझते जा रहे हो तुम
Muzdum Khan
8
GHAZAL
बिस्तर को झटकना पड़ता है कपड़ो को बदलना पड़ता है
लोगों को बसर करने के लिए कमरों से निकलना पड़ता है
Muzdum Khan
7
SHER
बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की
Muzdum Khan
6
GHAZAL
दुनिया मेरे ख़िलाफ़ थी, तू भी ख़िलाफ़ है
ये सच नहीं है ,है तो मुझे इख़्तिलाफ़ है
Muzdum Khan
5
GHAZAL
ठहराव तो उस
में था ही नहीं, रुकती थी निकल लिया करती थी
Muzdum Khan
4
GHAZAL
मुझे अपनी ख़बर नहीं होती थी, एहसास नहीं होता था कोई
मगर इस का ये मतलब नहीं है मेरे पास नहीं होता था कोई
Muzdum Khan
3
SHER
तुम नहीं उतरोगी मैं उतरूँगा गहराई में
पगड़ी बड़ी होती है दुपट्टे से लंबाई में
Muzdum Khan
2
SHER
न कोई बीन बजाई न टोकरी खोली
बस एक फोन मिलाने पे साँप बैठा है
Muzdum Khan
1
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