Ali Nazim Adam

Ali Nazim Adam

@nazimali36965

Ali Nazim shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ali Nazim's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

मैं तो ये सोच भी नहीं सकता
तेरे बिन तो मैं जी नहीं सकता

हाथ में है तिरे लबों का जाम
अपने होंटो को सी नहीं सकता

Ali Nazim Adam

आपने गम दिया है मुश्किल से
शुक्रिया आपका तहएदिल से

Ali Nazim Adam

नंगे तो सब इक जैसे लगते हैं
कपड़ो मैं तो सब अच्छे लगते हैं

साथ हमारे तुम प्यारे लगते हो
साथ तुम्हारे हम कैसे लगते हैं

Ali Nazim Adam

अगर जो छोड़कर ऐसे मुझे तू यार जाएगी
तो ऐसे तो मेरी जाँ ज़िंदगी से हार जाएगी

मोहब्बत हो गई है मुझको भी लेकिन मुझे डर है
या तो अब मैं ही जाऊँगा या फिर दस्तार जाएगी

Ali Nazim Adam

लोगों को अब तो चाहिए दौलत हराम की
इज़्ज़त को कौन मानता है अपने काम की

जिसको भी उसकी आँख ने देखा है इक दफ़ा
उसको नहीं कोई भी ज़रूरत है जाम की

Ali Nazim Adam

मुकम्मल काम सारे कर लिए हैं
हरे जो ज़ख़्म थे सब भर लिए हैं

तुम्हें मेरी घुटन का क्या बताऊँ
बड़े इल्ज़ाम अपने सर लिए हैं

Ali Nazim Adam

एक दिन तो लॉटरी अपनी लगेगी
ज़िंदगी उसके लिए पूरी लगेगी

एक दिन हम साहिब-ए-मंसब भी होंगे
एक दिन मेरे भी सर पगड़ी लगेगी

Ali Nazim Adam

मेरा महबूब मिलने के तरीक़े से नहीं मिलता
सलीक़ा जानता है पर सलीके से नहीं मिलता

Ali Nazim Adam

यार मुझको आपसे अब तो मुहब्बत भी नहीं है
और मुझको मेरे घर से ये इजाज़त भी नहीं है


आप तो कर भी नही सकते दुआ हक़ में हमारे

मत करो अब आपको कोई ज़रूरत भी नहीं है

Ali Nazim Adam

मैं कभी भूल सकता नहीं आपको
मौत को भी कोई भूलता है भला

Ali Nazim Adam

मिल गई है आप को तो पीर की पगड़ी भी लेकिन
मेरे हिस्से में मगर मेरी ख़लीफ़त भी नहीं है

Ali Nazim Adam

छोड़ कर जाता नहीं कोई निशानी पानी
खा हमारी गया पूरी ये जवानी पानी

गन्दी लड़की को दिखाती नहीं जलवा मिट्टी
अच्छी लड़की को सुनाता है कहानी पानी

Ali Nazim Adam

वो मेरे पास से वापस अगर आकर नहीं जाता
तो मेरी आँख से उसका कभी पैकर नहीं जाता

जो उसके पास से होकर गुज़र जाए कभी तो फिर
बसर कोई भी हो अपने सलामत घर नहीं जाता

Ali Nazim Adam

रहा नहीं वो शख़्स अब यहाँ ज़मीन के लिए
बनाया ही गया था उसको आस्तीन के लिए

Ali Nazim Adam

पहले तो उसको पढ़ाया बाप ने
उसको पैरों पर जमाया बाप ने

एक कर डाले थे अपने रात दिन
धूप में ख़ुद को जलाया बाप ने

Ali Nazim Adam

इस मोहब्बत में ख़सारा है मियाँ
बे-वफ़ाई ना-वफ़ा कुछ भी नहीं

Ali Nazim Adam

उसने सब कुछ ख़ाक कर डाला अली
सोचता है वो किया कुछ भी नहीं

Ali Nazim Adam

मिरे दिल को दुखाती हो चलो जाना दुखा लो तुम
तुम्हें दिल को रिझाना है ख़ुशी से अब रिझालो तुम

Ali Nazim Adam

तिरी डोली उठेगी तो जनाज़ा तो उठेगा ही
चलो मैं भी कफ़न पहनूँ चलो ख़ुद को सजा लो तुम

Ali Nazim Adam

जहाँ वाले चुरा लेंगे तुम्हें मुझसे मिरी लैला
किसी महफ़ूज़ ख़ेमे में ज़रा ख़ुद को छुपा लो तुम

Ali Nazim Adam

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