@poetry_cook
Abuzar kamaal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abuzar kamaal's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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लगाता हूँ जब तो गैरों से दिल लगाता हूँ मैं
नहीं लगाता तो अपनो को मुँह नहीं लगाता
किस को है परवाह यहाँ पे गाय की
बस पड़ी है दूध की और चाय की
अब कहानी चलती हैं चारों तरफ़
और कहीं हाए कहीं पे बाय की
निकल गया तो सुकून में हूँ
न अब रगों में, न खू़न में हूँ
यक़ीन है तेरे दिल में नइ मैं
यक़ीन है तेरे फॊन में हूँ
ऐसे चाहो मुझे के हद कर दो
वरना ये सिलसिला ही रद्द कर दो
साँस तकलीफ़ मे मैं लेती हूँ
साँस लेने मे तुम मदद कर दो
धूप है या है छाँव रस्ते में
जल रहे आज पाँव रस्ते में
साथ शम्स-ओ-क़मर भी लाना तुम
इक़ बसाना है गाँव रस्ते मे
जो घर, गली, शहर, देश खोया ज़रूर लेंगे
नए रखो नाम हम पुराना ज़रूर लेंगे
सुनो कि तुम जितना सह सको उतना ज़ुल्म करना
ये याद रखना, के हम भी बदला ज़रूर लेंगे