Toyesh prakash

Toyesh prakash

@toyeshprakash

Toyesh prakash shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Toyesh prakash's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

कितने दुख नहीं रहते एक तेरे आने से आ के मुस्कुराने से नज़रों को मिलाने से — Toyesh prakash
कोई बात कहते कहते यूँँ किसी की याद आई सभी बात भूल बैठे लगी ज़िंदगी पराई — Toyesh prakash
गिर के आकाश से पेड़ों पे अटकना क्यूँ है हम जो अटके तो परिंदों के परों में होंगे — Toyesh prakash
हमारे साथ किया था जो याद है अब भी वफ़ा वफ़ा न करो फिर यूँँ बे-वफ़ा ही रहो — Toyesh prakash
हार कर बैठे हो क्यूँ तुम होगी इक दिन जीत भी हर समय आँखों में इक उम्मीद पलनी चाहिए — Toyesh prakash
तू दिल में है, या तू दिल है पूछ रही है मेरी धड़कन — Toyesh prakash
ये ज़िंदगी भी अजब से मुक़ाम लाती है भुला दिया था जिसे उस की याद आती है — Toyesh prakash
कोई कहे न कहे मैं तो राज़ खोलूँगा तू मेरा प्यार है मैं सब को जा के बोलूँगा — Toyesh prakash
मिरी आरज़ू जो पूछी तो मैं सिर्फ़ ये बताऊँ तू मुझे बुलाए अपना तुझे अपना मैं बुलाऊँ — Toyesh prakash
ये रोज़ रोज़ मनाने से लाख अच्छा है ख़फ़ा हो हम सेे अगर तुम तो फिर ख़फ़ा ही रहो — Toyesh prakash
जो भूल बैठे मिरे दिल का ही पता तुम यूँँ तो अब ना राह तको और लापता ही रहो — Toyesh prakash
मनाए कौन अब किस को समझ में कुछ नहीं आता बहुत ज़िद्दी हो तुम भी तो बहुत ज़िद्दी हैं हम भी तो — Toyesh prakash
तुम तो कितने दूर मुझ सेे हो गए चाँद मेरा आज तारा हो गया — Toyesh prakash
हाल न दिल का कहना आया तो चुप रह कर हम को सताया — Toyesh prakash
एक कहा तो एक ही मानो अपना जीवन, मेरा जीवन — Toyesh prakash
फ़िक्र मुझ को हमेशा तुम्हारी हुई वक़्त पर कॉल मेरा उठाया करो — Toyesh prakash

Ghazal

मुझे तुझ से ही मोहब्बत रही थी रही रहेगी मुझे एक तेरी आदत रही थी रही रहेगी तू कभी नहीं दिखा है, तिरा कुछ कहाँ पता है मुझे तुझ से ये शिकायत रही थी रही रहेगी जो हूँ ख़ुश तो वो दुखी हैं, वो हैं ख़ुश तो मैं दुखी हूँ ये जहान ही हक़ीक़त रही थी रही रहेगी वो रक़ीब था बहाना, तेरे दिल को था जलाना तिरी एक ये शरारत रही थी रही रहेगी हैं बड़े नसीब वाले, तिरे शहर में ये ताले इन्हें चोर की ज़रूरत रही थी रही रहेगी मुझे छोड़ के न जाना, मिरा साथ ही निभाना तिरे प्यार की ज़रूरत रही थी रही रहेगी तिरे साथ था गुज़ारा जो ख़ुशी से वक़्त तोयेश तिरी याद इक अमानत रही थी रही रहेगी — Toyesh prakash
आप से रूठ कर हम किधर जाएँगे आप के बिन तो जैसे यूँँ मर जाएँगे दो क़दम दूर तुम सेे अगर जाएँगे तुम ही तुम बस दिखोगे जिधर जाएँगे जान सकता नहीं कब हुआ क्या हुआ आप आँखों से दिल में उतर जाएँगे रास्ते ज़िंदगी के मिलें तो मिलें आप को पा गए तो सँवर जाएँगे कोई पूछेगा गर ग़म दिए आप ने हँसते हँसते ही हम तो मुकर जाएँगे साथ ही साथ में अब रहेंगे यूँँ हम तुम जिधर जाओगे हम उधर जाएँगे लापता हैं बहुत अपने ही आप से आप से मिल के हम तो निखर जाएँगे अपना बुद्धू कहो अपना बुद्धू कहो हम सुनेंगे ख़ुशी से भी भर जाएँगे मुश्किलों से मिलेंगे बहुत दिन के बा'द तो न कहना ये हम को कि घर जाएँगे तुम तो समझो ज़रा अपने तोयेश को तुम कहोगे तो वो भी सुधर जाएँगे — Toyesh prakash
तमाम दीपक तो बुझ चुके हैं मगर ये दीपक बुझा नहीं है ये प्यार का दीप है निराला जो अब तलक बुझ सका नहीं है नज़र उठाना, नज़र झुकाना, नज़र मिलाना, नज़र बचाना नज़र के कितने हैं राज़ गहरे इन्हीं नज़र को पता नहीं है जो अपने गेसू में तू लगाए वो फूल मुझ को पसंद आए जो माँग लूँ तो मना ही कर के कहेगी तू यूँँ मना नहीं है मुझे सफ़र में जो तुम मिले हो तो रास अपना सफ़र लगा है तुम्हें बताऊँ तो क्या बताऊँ तुम्हें तो ये भी पता नहीं है दबी-दबी सी जो बात दिल की हमीं ने सब सेे छुपाए रक्खी पता चला तो सभी ने बोला हमें तो कुछ भी पता नहीं है — Toyesh prakash
बात जो हो हमें तुम बताया करो हाल अपना न हम सेे छुपाया करो फ़िक्र मुझ को हमेशा तुम्हारी हुई वक़्त पर कॉल मेरा उठाया करो मेरे सपनों में तुम रोज़ आती रहीं है दुआ मिलने तुम रोज़ आया करो मुझ को सुनना ये अच्छा लगा है सदा अपना बुद्धू ही कह के बुलाया करो हम तो कहते रहे प्यार है, प्यार है तुम भी तो कह के मुझ को जताया करो घेरतीं हैं घटाएँ मिरे चाँद को अपने चेहरे से ज़ुल्फ़ें हटाया करो जिस तरह से मिलाते हैं हम आपसे आप नज़रों से नज़रें मिलाया करो हाथ पर हाथ रखने को माँगूँ अगर तुम तभी हाथ आगे बढ़ाया करो ये भी तो एक ख़्वाहिश है 'तोयेश' की मुझ को माथे पे अपने सजाया करो — Toyesh prakash

Nazm

नज़्म: तुझ सेे मैं ने प्यार किया है तुझ सेे मैं ने प्यार किया है एक नई सी बात हुई है दुनिया सुंदर सी लगती है महके बाग़ नहीं हैं लेकिन तेरे से ख़ुशबू रहती है तू हँसती है ऐसे जैसे एक कली कोई खिलती है चलती है तू ऐसे जैसे एक नदी कोई बहती है तू अब माने या ना माने ख़ुद को तेरा मान लिया है तुझ सेे मैं ने प्यार किया है तुझ पर मर कर जीता हूँ के अब जीता हूँ यूँँ लगता है मुझ पर तेरा ही बस तेरा रोज़ फ़ितूर चढ़ा रहता है तेरा हो कर भी न होना बेचैन मुझी को रखता है होता है तुझ सेे दिन तेरे नाम बिना कब दिन ढलता है माफ़ी! तुझ को हिचकी आए फिर से तेरा नाम लिया है तुझ सेे मैं ने प्यार किया है — Toyesh prakash