Wasif Quazi

Wasif Quazi

@wasifqu935836

Wasif Quazi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Wasif Quazi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

काँच के टुकड़ों पे चलने का हुनर सीखा है अब ज़ख़्म को भी प्यार का गहना बनाया जाएगा — Wasif Quazi
इतनी शिद्दत से सुन रहे हो मुझे दर्द भी मेरा सुन लिया होता — Wasif Quazi
राब्ता नींद का रातों से सँवर जाएगा ख़्वाब उन का मेरी आँखों में उतर जाएगा — Wasif Quazi
न जाने पत्थरों ने कैसा जादू कर दिया वासिफ़ गले से मुस्कुरा कर शीशे भी अब उन सेे मिलते हैं — Wasif Quazi
जिस दिन से उस ने तोड़े मरासिम हैं मेरे साथ तब से मिरे वजूद पे उठती हैं उँगलियाँ — Wasif Quazi
वो समझते हैं जिस को दिल मेरा उन की यादों की क़ब्रगाह है वो — Wasif Quazi
जब पुकारा है मैं ने माँ कह कर फूल खिलने लगे बयाबाँ में — Wasif Quazi
करूँँ बयान मैं लफ़्ज़ों को किस ज़बानी में मिरा वजूद ही गुमनाम है कहानी में — Wasif Quazi
इश्क़ का सौदा बहुत महंगा पड़ा है ख़र्चे हैं आँसू ये दिल ज़िद पर अड़ा है — Wasif Quazi
झील सी आँख में चलो डूबें डूबना है ज़रूर आज मुझे — Wasif Quazi
दर्द इतना है मुसव्विर की उदास आँखों में अब वो तस्वीर भी अश्कों से बना देता है — Wasif Quazi
सदियाँ हिज्र की देखी हैं आँखों ने इस सेे हसीं सजा अब और क्या होगी — Wasif Quazi
ख़ुदा की इबादत में मशग़ूल हैं वो जो माँ बाप की फ़िक्र करते नहीं हैं — Wasif Quazi
बदलता देख किरदारों को सबके हुआ जाता है शर्मिंदा ये मौसम — Wasif Quazi
ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं — Wasif Quazi
लहरें डूबो रही हैं मुसलसल ही कश्तियाँ क्या अपनी इंकिसारी समुंदर ने दी भुला — Wasif Quazi
दिलचस्पी मुझ को कैसे हो सुर और साज़ में उलझा हुआ हूँ मैं, तिरी ज़ुल्फ़ ए दराज़ में — Wasif Quazi
उन पे कुछ शे'र जब कहे मैं ने मेरी ग़ज़लों में जान तब आई — Wasif Quazi
कोई मिरी जुदाई से किस दर्जा शाद है फिर भी मुझे दु'आओं में वो शख़्स याद है — Wasif Quazi

Ghazal