kisi ne haal jo poocha kabhi mohabbat se | किसी ने हाल जो पूछा कभी मोहब्बत से

  - Yasir Khan

किसी ने हाल जो पूछा कभी मोहब्बत से
लिपट के रोया बहुत देर उस से शिद्दत से

हमारा साथ जो छूटा तो इस में हैरत क्या
हमारे हाथ तो छूटे हुए थे मुद्दत से

ये और बात कि बीनाई जा चुकी मेरी
तुम्हारे ख़्वाब रखे हैं मगर हिफ़ाज़त से

जब उस ने भीड़ में मुझ को गले लगाया था
हर एक आँख मुझे तक रही थी हैरत से

ये कारोबार-ए-सियासत बहुत ही अच्छा है
बस आप झूट को बेचो बड़ी सदाक़त से

  - Yasir Khan

Rahbar Shayari

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