सुबुकहोतीहवासेतेज़चलनाचाहतीहूँ
मैंइकजलतेदिएकेसाथजलनाचाहतीहूँ
ग़ुबार-ए-बे-यक़ीनीनेमुझेरोकाहुआहै
ज़मींसेफूटकरबाहरनिकलनाचाहतीहूँ
मैंख़ुदसहमीहुईहूँआइनेकेटूटनेसे
बहुतआहिस्तासत्ह-ए-दिलपेचलनाचाहतीहूँ
नुमूद-ए-सुब्हसेपहलेकालम्हादेखनेको
अँधेरीरातकेपैकरमेंढलनाचाहतीहूँ
मैंशहर-ए-शबकोआँखोंकीदु'आदेनेसेपहले
दर-ओ-दीवारकाचेहराबदलनाचाहतीहूँ
किसीकेख़्वाबकीतकमीलमेंपत्थरहुईथी
अबअपनेख़्वाबकीलौसेपिघलनाचाहतीहूँ