कोई समझे तो एक बात कहूँ
एक लड़की को काएनात कहूँ
लोग पागल कहेंगे क्या मैं अगर
सिर्फ़ इंसानियत को ज़ात कहूँ
गाँव वालों का कुछ लुटा ही नहीं
पर मैं कैसे उसे बरात कहूँ
— 100rav
एक लड़की को काएनात कहूँ
लोग पागल कहेंगे क्या मैं अगर
सिर्फ़ इंसानियत को ज़ात कहूँ
गाँव वालों का कुछ लुटा ही नहीं
पर मैं कैसे उसे बरात कहूँ
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