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बड़े शहरों में अक्सर ख़्वाब छोटे टूट जाते हैं - Dushyant

बड़े शहरों में अक्सर ख़्वाब छोटे टूट जाते हैं
बड़े ख़्वाबों के ख़ातिर शहर छोटे छूट जाते हैं

Dushyant
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Khwab Shayari

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