main dil ka aaj phir sauda karunga | मैं दिल का आज फिर सौदा करूँँगा

  - ATUL SINGH

मैं दिल का आज फिर सौदा करूँँगा
वो जैसा कह रही वैसा करूँँगा

मैं बातें मान लूँगा तेरी सारी
मैं सारे ज़ख़्म फिर ताज़ा करूँँगा

ज़रा सी देर को आ जा कि मैं भी
अब अगली बार से वा'दा करूँँगा

तुम्हारे हिज्र का मारा मैं आशिक़
यूँँ ही अब दर बदर भटका करूँँगा

तेरी ख़ातिर नहीं खा सकता पत्थर
मगर कुछ तो मैं मजनू सा करूँँगा

कोई पहलू है उसका अनछुआ सा
जिसे जाना तो जाने क्या करूँँगा

  - ATUL SINGH

Dil Shayari

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