dil men rehta hai ye gham jaise ki apna yaar ho | दिल में रहता है ये ग़म जैसे कि अपना यार हो

  - Aditya

दिल में रहता है ये ग़म जैसे कि अपना यार हो इश्क़ होने से तो बेहतर है कि अच्छा यार हो

बिन कहे सब कुछ समझ ले मेरे दिल का हाल जो
मुझको जाने मुझ सेे ज़्यादा कोई ऐसा यार हो

क्यूँँं बनाएं नाख़ुदास दोस्ती का रब्त अगर
जंगलों से दोस्ती हो और दरिया यार हो

और भी आसाँ रहेगा ज़िन्दगी का ये सफ़र
मंज़िलों की जुस्तुजू में रास्तों सा यार हो

फिर उसे किस चीज की होगी कमी ऐ बे-वफ़ा
जिसके पहलू में हमेशा तेरे जैसा यार हो

  - Aditya

Breakup Shayari

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