विर्द हम रब का नाम करते हैं
सब सेे पहले ये काम करते हैं
हम से गर रूठ जाए कोई तो
उस से मिलकर सलाम करते हैं
दुश्मनों का भी दिल पिघल जाए
इतना शीरीं कलाम करते हैं
हम हैं कमज़ोर आप मत सोचें
आपका ऐहतिराम करते हैं
जूठा खाते है एक दासी का
काम ऐसा भी राम करते हैं
है ग़रीबों की ये भी मजबूरी
गाली सुन कर भी काम करते हैं
इन अमीरों का ये दिखावा है
दे के ख़ैरात नाम करते हैं
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